प्रयागराज

कुम्भ 2019

कुम्भ 2019

प्रयागराज में 'कुम्भ' कानों में पड़ते ही गंगा, यमुना एवं सरस्वती का पावन सुरम्य त्रिवेणी संगम मानसिक पटल पर चमक उठता है। पवित्र संगम स्थल पर विशाल जन सैलाब हिलोरे लेने लगता है और हृदय भक्ति-भाव से विहवल हो उठता है। श्री अखाड़ो के शाही स्नान से लेकर सन्त पंडालों में धार्मिक मंत्रोच्चार, ऋषियों द्वारा सत्य, ज्ञान एवं तत्वमिमांसा के उद्गार, मुग्धकारी संगीत, नादो का समवेत अनहद नाद, संगम में डुबकी से आप्लावित हृदय एवं अनेक देवस्थानो के दिव्य दर्शन प्रयागराज कुम्भ की महिमा भक्तों को निदर्शन कराते हैं।

कुम्भ 2019

क्रिया-कलाप

इवेन्ट कैलेन्डर


कुम्भ

स्नान तिथियाँ

स्नान पर्व में गंगा नदी में स्नान करना अलग ही महत्व रखता है। ऐसी मान्यता है कि इससे समस्त पापों का नाश होता है तथा मनुष्य को जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति मिल जाती है। प्रमुख स्नान तिथियों पर सूर्योदय के समय साधु-संतो द्वारा पवित्र गंगा नदी में डुबकी लगाई जाती है। प्रत्येक समूह एक विशेष क्रम में परंपरा के अनुसार स्नान के लिए नदी में जगह लेता है। सभी समूहों के स्नान के बाद बाकी सभी मनुष्य गंगा में स्नान करते हैं। कुम्भ मेले में गंगा नदी में स्नान का शुभ दिन अमृत में डुबकी जैसा लगता है। कुम्भ मेले की पवित्र स्नान तारीख नीचे सूचीबद्ध की जा रही हैं।

स्नान तिथियाँ

जनवरी 15 से मार्च 4, 2019

मकर संक्रान्ति
(प्रथम शाही स्नान)

15 जनवरी 2019, मंगलवार

पौष पूर्णिमा

21 जनवरी 2019, सोमवार

मौनी अमावस्या
(द्वितीय शाही स्नान)

04 फरवरी 2019, सोमवार

बसंत पंचमी
(तृतीय शाही स्नान)

10 फरवरी 2019, रविवार

माघी पूर्णिमा

19 फरवरी 2019, मंगलवार

महाशिवरात्रि

04 मार्च 2019, सोमवार

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यात्रा और ठहराव


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प्रयागराज शहर भारतीय रेलवे नेटवर्क के माध्यम से भारत के सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। प्रयागराज और इसके आसपास के दस रेलवे स्टेशन...

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प्रयागराज का हवाई अड्डा बमरौली में स्थित है, जो शहर के केंद्र से करीब 12 किमी दूर है। यह इलाहाबाद को देश के अन्य प्रमुख शहर से जोड़ता है...

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