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अखाड़ा परिषद के साथ कुम्भ मेला के सम्बन्ध में प्रशासन की बैठक गांधी सभागार में सम्पन्न

21 सितम्बर 2018

कुम्भ की तैयारियों के सम्बन्ध में अखाड़ा परिषद के साथ प्रशासन की समन्वय बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में कुम्भ 2019 को भव्य एवं दिव्य कुम्भ के रूप में आयोजित किये जाने के सम्बन्ध में खुल कर विचार-विमर्श हुआ। बैठक में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महन्त नरेन्द्र गिरि जी महाराज, महामंत्री श्री मौजगिरि जी महाराज तथा परिषद सदस्यों के साथ अपर पुलिस महानिदेशक श्री एस0एन0 साबत, मण्डलायुक्त डॉ0 आशीष कुमार गोयल, जिलाधिकारी श्री सुहास एल0वाई0, एसएसपी इलाहाबाद श्री नितिन तिवारी, कुम्भ मेलाधिकारी श्री विजय किरन आनन्द और डीआईजी कुम्भ मेला श्री केपी सिंह के साथ विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे। 

मण्डलायुक्त कार्यालय के गांधी सभागार में हुई बैठक में सर्वप्रथम प्रशासन की ओर से मण्डलायुक्त, अपर पुलिस महानिदेशक, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक ने सन्त महात्माओं को माल्यार्पण एवं अंग वस्त्रम से सम्मानित करते हुए कुम्भ के सफल आयोजन हेतु आर्शीवचन लिया। अखाड़ा परिषद को मेला प्रशासन की ओर से एक प्रेजेंटेशन के द्वारा प्रशासन की तैयारियों से अवगत कराया गया। कुम्भ मेलाधिकारी ने पूर्व की बैठक में मा0 मुख्यमंत्री जी के समक्ष दी गई रिपोर्ट पर किये गये अनुपालन की जानकारी देते हुए बताया कि प्रयागराज में कुल 13 अखाड़ों में से 12 अखाड़ों में साधु सन्तों के प्रवास हेतु कराये जाने वाले निर्माण कार्य हर हाल में तय समय पर पूरे किये जायेंगे। मेलाधिकारी ने बताया कि कुम्भ 2019 की सफाई व्यवस्था उच्चस्तरीय मानक पर की जा रही है जो अभूतपूर्व होगी। एक लाख बाईस हजार शौचालयों तथा 20 हजार सफाई कर्मिंयों एवं 20 हजार से अधिक डस्टबिनों का प्रयोग करते हुए 40 काम्पैक्टर गाड़ियों एवं 120 टिपर गाड़ियों के द्वारा मेले को स्वच्छ रखने की कार्ययोजना बनाई गयी है, जो दिव्य और भव्य कुम्भ के साथ स्वच्छ कुम्भ की धारणा को भी साकार करेगी। 

मेलाधिकारी ने पूज्य सन्तों को बताया कि किले में दर्शनीय धार्मिक स्थलों का दर्शन कराने के लिये प्रयास किये जा रहे है। दशकों पहले से प्रयाग में रूकी पंचकोशी परिक्रमा प्रारम्भ करायी गई है। इसके लिए पर्यटन विभाग द्वारा अक्टूबर माह से औपचारिक व्यवस्थायें भी की जायेगी। मेला के बाद के समय में भी संगम क्षेत्र में पानी, बिजली, सुरक्षा आदि की व्यवस्था निरन्तर बनाये रखने की व्यवस्था की जा रही है। मेले में खाद्यान्न एवं आवश्यक वस्तुओं के वितरण की मजबूत व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गये है। इलाहाबाद से जुड़ने वाले राजमार्गों पर मेला अवधि में वाहनों को टोल फ्री करने के लिये प्रभावी कार्रवायी की जा रही है। अखाड़ों मे निर्माण कार्य को तेजी से गुणवत्ता के साथ पूरा कराने पर जोर दिया जा रहा है। कुम्भ मेले में प्रशासन की ओर से भण्डारा और कैंटीन की व्यवस्था की जा रही है। जलमार्ग से आवागमन सुगम बनाने तथा मेले को आकर्षक बनाने के लिये कू्रज और बजरों के द्वारा फेरी सेवा संचालित की जायेगी। पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के आकर्षण एवं उन्हें भारतीय संस्कृति का बोध कराने के लिए मेले में लेजर शो की व्यवस्था की गई है। इस आयोजन को सांस्कृतिक कुम्भ के रूप में प्रदर्शित करने के लिए 200 से अधिक आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। इन कार्यक्रमों के लिये 10000 सीट की क्षमता वाला गंगा पण्डाल बनाया जायेगा एवं गंगा संरक्षण प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जायेगा। मेला अवधि में पांच वैचारिक कुम्भ आयोजित किये जायेगे। मेले में 30000 यात्रियों के लिए प्रतिदिन निवास की व्यवस्था होगी। मेलाधिकारी ने बताया कि गंगा जी के प्रवाह को स्वच्छ बनाये रखने के लिये किसी भी ओर से प्रदूषित जल गंगा में न गिरे, इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों के 46 नालों को टैप कराकर एसटीपी द्वारा शोधित जल ही गंगा में छोड़ा जायेगा। 

सुरक्षा व्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए डीआईजी कुम्भ मेला ने बताया कि पूरे मेला में यातायात और सुरक्षा की मजबूत व्यवस्था की जा रही है। डीआईजी श्री केपी सिंह ने बताया कि हमारा प्रयास होगा कि हम दिव्य और भव्य कुम्भ के साथ मेले को स्वच्छ एवं सुरक्षित कुम्भ के रूप में प्रस्तुत करें। पूरे मेले को 9 जोन में बांटते हुए तीन पुलिस अधीक्षक कानून व्यवस्था की कमान संभालेंगे। मेले के 20 सेक्टरों में 40 थाने,  58 पुलिस चैकी, 44 पाण्टून चैकी तथा 4 पुलिस लाईने होगी। 135 वाच टावरों से मेले पर निगरानी रखी जायेंगी। झूंसी, अरैल तथा परेड क्षेत्र में 3 महिला थाने स्थापित होंगे। डीआईजी कुम्भ मेला ने बताया कि अगले माह 10 अक्टूबर से ही पुलिस बल कुम्भ मेला की ड्यूटी पर तैनात किया जायेगा। इसमें 12 अपर पुलिस अधीक्षक तथा 8000 हजार से अधीक्षक पुलिस फोर्स होगी। उत्तरांचल, की पुलिस फोर्स के अलावा कई केन्द्रीय बल भी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात होंगे। डीआईजी ने बताया कि मेला और नगर क्षेत्र के घाट, महत्वपूर्ण मदिरों, और मठों की सुरक्षा एवं निरन्तर चेकिंग की व्यवस्था की गई है। 1200 हेक्टेयर क्षेत्र में पार्किंग की व्यवस्था तथा यातायात डायवर्जन के लिये 43 वाच डायरेक्शन टावर स्थापित किये जायेंगे। ड्रोन कैमरों से निगरानी की व्यवस्था भी की गई है। 500 से अधिक शटल बसे पार्किंग स्थलों से मेला क्षेत्र तक चलाई जायेगी जिससे यात्रियों को कम से कम पैदल चलना पडें। पूरे मेला क्षेत्र पर एवं नगर में सीसीटीवी से निगरानी रखने के लिये एवं समन्वय बनाये रखने के लिए 2 एकीकृत कंट्रोल एवं कमाण्ड सेन्टर स्थापित किये जा रहे है। जिनमें एक शहर में और दूसरा मेला क्षेत्र में होगा। 

बैठक में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महन्त नरेन्द्र गिरि जी महाराज ने सभी अखाड़ों के महन्तगणों से अलग-अलग अपनी जरूरतें बताने को कहा। जिसमें साधु-सन्तों ने मेले के आयोजन में अपना मार्गदर्शन देते हुये अपने अखाड़ों के बारे में भी निर्माण की जरूरतों से अवगत कराया। साधु-सन्तों के द्वारा सुझाव देते हुए मांग की गयी कि मेला क्षेत्र में प्लास्टिक के स्थान पर पेड़ के पत्तों से बने पत्तल का प्रचलन बढ़ाया जाये तथा उसकी व्यवस्था की जाये। अखाड़ों के आस-पास गन्दगी तथा अतिक्रमण हटायें जाने की मांग प्रमुख रही। साधु-सन्तों द्वारा एक प्रमुख मांग उठायी गई कि मेला क्षेत्र में मांस और मदिरा का प्रयोग कडाई से प्रतिबन्धित रखा जाये तथा पेशवाई मार्गों पर भी मांस विक्रय पर रोक लगायी जायें। अखाड़ों के आस-पास चोक नालों की सफाई, स्ट्रिीट लाईट का प्रबन्ध तथा सीवर दुरूस्त करने का काम तेज करने की मांग की गयी।

अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्री महंत मौजगिरि जी महाराज ने इस बात की ओर ध्यान आकर्षित कराया कि उज्जैन, नासिक कुम्भ आयोजनों में पूर्व अनुमानित संख्या से कई गुना अधिक लोग आयें अतः इस कुम्भ में भी जन संख्या अवश्य बढेगी। उन्होंने कहा  कि अधिकारी लगन के साथ कार्य कर रहे है तथा उन्हें इस आयोजन में हर प्रकार की व्यवस्थाओं के साथ तत्पर रहना होगा। मुख्य मंदिरों, मठों और दर्शनीय स्थलों के बारे में सूचनात्मक बोर्ड और साइनेज लगाकर जनता का मार्ग दर्शन करने का सुझाव मा0 महामंत्री ने दिया। महंत श्री मौजगिरी जी महाराज ने किले में देव मंदिरों के दर्शन की व्यवस्था कराये जाने के प्रयास तेज करने की मांग की तथा कहा कि कि रेलवे प्रशासन द्वारा हर दिशा में जाने वाली गाड़ियों के लिए जानकारी उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था की जाये ताकि भीड़ चार दिशाओं में बट जाये और किसी एक स्टेशन पर दबाव न रहे। 

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत नरेन्द्र गिरि जी महाराज ने कहा कि अधिकारियों को अपनी बतायी गयी समय सीमा में अपने कार्य पूरे करने जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिस तरह काम चल रहा है उसमें अगर अक्टूबर तक समस्त कार्य पूरे हो गये तो यह नगर स्वर्ग तुल्य होगा। विभिन्न अखाड़ों में चल रहे कार्यों की गति को और तेज करने की आवश्यकता पर अध्यक्ष जी ने जोर देते हुए कहा कि दीपावली के बाद अखाड़ों में सन्त जन का आना प्रारम्भ हो जायेगा तथा उस समय तक अखाड़ों की व्यवस्था हर-हाल में दुरूस्त हो जानी चाहिए। अखाड़ा परिषद के पूज्य अध्यक्ष श्री महन्त जी ने सभी पेशवाई मार्गों पर समतलीकरण, उनकी इण्टरलाकिंग, सुन्दरीकरण और उन पर पानी छिड़काव के प्रबन्ध की व्यवस्था समय से पूरा करा लिये जाने पर जोर दिया। श्री महन्त जी ने कहा कि पार्किंग स्थलों से मेला क्षेत्र तक चलायी जाने वाली शटल बसों को निःशुल्क किया जाये तथा इलाहाबाद तक आने वालें राजमार्गों को टोल मुक्त किया जाये। मेला क्षेत्र को मांसाहार वर्जिंत रखने की मांग मा0 अध्यक्ष ने कड़ाई से उठायी। अखाड़ों को मेला क्षेत्र एवं नगर क्षेत्र में आवागमन के लिए विशेष पास निर्गत किये जाने की मांग अध्यक्ष जी ने की। महन्त श्री ने अधिकारियों को हर प्रकार के सहयोग का आश्वासन देते हुए यह कहा कि कि कुम्भ के कार्य ईश्वर का कार्य समझ कर करें। उन्होंने प्रशासन को अतिक्रमण हटाने के काम में निर्भय एवं पक्षपात रहित होकर कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि साधु-सन्तों के नाम पर भ्रम पैदा करने वालो को साधु सन्तों की भांति सुविधायें न दी जाये। 

मण्डलायुक्त डॉ0 आशीष कुमार गोयल ने सन्तों द्वारा उठाई गयी समस्याओं को त्वरित गति से निराकरण करने के लिए वहां बैठे सम्बन्धित विभागीय प्रमुखों और अधिकारियों से स्वयं स्थिति स्पष्ट करने को कहा और उनसे सम्बन्धित कार्य पूरी तरह से सम्पन्न कर लिये जाने की समय सीमा उन्हीं से तय करायी। मण्डलायुक्त ने पेशवाई मार्गों पर अतिक्रमण हटाये जाने तथा नालों पर गन्दगी साफ करने के लिए नगर आयुक्त को कड़ी हिदायत दी। मण्डलायुक्त ने नगर आयुक्त और जिलाधिकारी से कहा कि साधु-सन्तों द्वारा उठाये गये मांस मंदिरा के विक्रय एवं प्रयोग पर निषेध के लिए पूर्व निर्धारित नगर निगम के नियमों के अनुसार सख्ती के साथ अनुपालन सुनिश्चित कराये जिससे इस परम धार्मिंक आयोजन में स्वच्छता बनी रहे। मण्डलायुक्त ने पेशवाई मार्गों पर जर्जर भवनों और छज्जों के सम्बन्ध में दिये गये अपने निर्देशों का पालन तेजी से करने का निर्देश दिया। मण्डलायुक्त ने कहा कि पेशवाई मार्गों को पूरी तरह समतल तथा दुरूस्त करने के काम में भी तेजी लायी जाये। मण्डलायुक्त ने यह भी कहा कि आगामी माह तक नगर के अधिकांश निर्माण कार्य पूरे हो रहे है जिसमें सड़कों के चैड़ीकरण का कार्य भी है। उन्होंने नगर आयुक्त और जिला प्रशासन को यह हिदायत दी कि सड़के चैड़ी होने के बाद उन पर किसी भी दशा में अतिक्रमण न होने दिया जाये और उनकी चैड़ाई बरकारार रखी जाये। उन्होंने कहा कि बहु जल्द नगर के प्रमुखों डॉ0ट पुलों चैड़ाई तथा उनसे गुजरने वाली सड़के चार लेन में तब्दील हो जायेंगी। जो सामान्य दिनों के साथ-साथ कुम्भ के समय भी आवागमन सुगम बनाने में सहायक होगी। 

नगर आयुक्त द्वारा अवगत कराया गया कि नगर की स्वच्छता नालों की सफाई और स्ट्रिीट लाईट के अलावा अतिक्रमण हटाये जाने के काम को भी तेजी से पूरा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि बारिस की वजह से कुछ काम ढिले हो गये थे, जिन्हे तेज करते हुए तेजी से समय सीमा में काम पूरा किया जायेगा।

मण्डलायुक्त ने अखाड़ों का कार्य कर रही कार्यदायी संस्था से स्पष्ट शब्दों मे कार्य पूरा होने की समय सीमा बताने को कहा तथा यह चेतावनी दी कि अब प्रयास की बात करने के स्थान पर पूरे आत्मविश्वास के साथ काम पूरा करने की बात करें। मण्डलायुक्त को अवगत कराया गया कि चल रहे 12 अखाड़ों के कार्य हर-हाल में 15 नवम्बर तक पूरे कर लिये जायेंगे, जिसमें आठ अखाड़ों के कार्य 31 अक्टूबर तक पूरे हो जायेंगे। मण्डलायुक्त ने मुख्य अभियन्ता को स्वयं अखाड़ों में जाकर प्रगति और गुणवत्ता का निरीक्षण करने के निर्देश दिये। मण्डलायुक्त ने सेना के सहयोग के लिए उपस्थित सैन्य सेना के अधिकारियों को धन्यवाद दिया।