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यातायात परामर्शदात्री की बैठक हुयी सम्पन्न

27 अगस्त 2018

बैठक में मेला क्षेत्र तक आने वाले मार्गो पर चलने वाले ट्राफिक मैनेजेंमेट एवं पार्किंग स्थलों पर की गयी चर्चा।

सड़कों पर अवैध पार्किगं से निपटने के लिए क्रेनों की जायेगी व्यवस्था

यातायात परामर्श दात्री की बैठक में कुम्भ के दौरान यातायात व्यवस्था के सुगम संचालन हेतु कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव विचार किये गये। बैठक के प्रारम्भ में यातायात परामर्श दात्री समिति को सम्बोधित करते हुए अपर पुलिस महानिदेशक श्री एस.एन. साबत ने कहा कि कुम्भ के कार्यो के लिए अब समय बहुत कम बचा है अतः सभी सम्बन्धित विभाग काम में तेजी लाये तथा अपनी योजनओं को अन्तिम रूप दे। समिति की इस बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक के साथ मण्डलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल, रेलवे के एडीआरएम, सेना के वरिष्ठ अधिकारी, जिलाधिकारी इलाहाबाद श्री सुहास एल.वाई., डीआईजी कुम्भ श्री केपी सिंह, मेलाधिकारी श्री विजय किरन आनन्द तथा अन्य एसपी ट्राफिक कुलदीप सिंह के अलावा, पुलिस एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

डीआईजी कुम्भ मेला ने विभिन्न दिशाओं से मेला क्षेत्र तक आने वाले राजमार्गो के सम्बन्ध में ट्राफिक प्लान का एक प्रेजेटेशन प्रस्तुत करते हुए, ट्राफिक प्लान के अन्तिम रूप लिये जाने तक की जानकारी दी। मेले के दौरान पैदल यातायात का प्रेजेटेशन के माध्यम से ढाचा प्रस्तुत किया गया तथा आपातकालीन स्थितियों में यातायात नियंत्रण की योजनाओँ की जानकारी समिति को दी गयी। पार्किंग स्थलों का विकास, होर्डिगं एरिया के बारे में जानकारी तथा पार्किंग स्थलों से मेला क्षेत्र तक यात्रियों को पैदल चलने से बचाने के लिए शटल बसों के संचालन की रूप रेखा भी बतायी गयी। सड़कों पर अवैध पार्किगं से निपटने के लिए क्रेनों की व्यवस्था तथा शटल बस के अलावा मेला क्षेत्र में सीएनजी तथा आटो रिक्शा के संचालन का रूट निर्धारित कर लिये जाने की जानकारी भी दी गयी। इसके अलावा सेना क्षेत्र में मूवमेंट प्लान और किले मे श्रद्धालुओं के आवागमन पर भी विचार किया गया। इस सम्बन्ध में तैयार की गयी कार्ययोजना को डीआईजी कुम्भ मेला तथा एसपी यातायात के द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों एवं सेना के अधिकारियों के समक्ष रखा गया।

विभिन्न राजमार्गों पर सीमावर्ती क्षेत्र से मेला क्षेत्र तक पार्किगं स्थलों की स्थापना के निर्धारित स्थल प्रस्तुतीकरण में नक्शे के माध्यम से प्रदर्शित किये गये, जिसमें हर छोटी बड़ी पार्किगं में सुगम प्रवेश और निकास की व्यवस्था पर विचार किया गया। कानपुर रोड से चलने वाले यातायात को कौशाम्बी सीमा पर अभय मेमोरियल संस्थान की भूमि राजमार्ग के दोनो तरफ बड़ी पार्किगं से प्रारम्भ करते हुए बीच में नेहरू पार्क को पार्किंग स्थल के रूप में बडे वाहनों के लिए निर्धारित करने पर विचार किया गया तथा मेला क्षेत्र तक बीच में मुण्डेरा मणडी, सूबेदारगंज, सैना की भूमि तथा कई छोटे पार्किंग स्थलों का निर्धारण किया गया। नगर क्षेत्र में पोलोग्राउण्ड, राजकीय मुद्रणालय, हिन्दु छात्रावास, विश्वविद्यालय परिसर आदि बडे मैदानों को भी पार्किंग के रूप मे प्रयोग किये जाने की योजना है। इन सभी स्थानों को नियमित रूप से चलने वाली शटल बसों से जोडा जायेगा।इसमें से केवल नेहरू मार्ग से बालसन के बीच 100 शटल बसे चलेगी। मेलाधिकारी ने रोडवेज के अधिकारियों को नेहरू पार्क के दोनों तरफ सड़क को चालू करके शीघ्र इसका ट्रायल कर लेने का निर्णय लिया गया है। लखनऊ रोड़ पर बेलापछाड से घाटनपुर हादमपुर, आदि स्थानों पर बडे पार्किगं स्थल बनाये जा रहे है। नगर क्षेत्र में मोती लाल नेहरू इंजीयरिंग, भारत स्काउट गाइड आदि संस्थानों के मैदान पार्किग के रूप में विकसित किये जायेंगे। इन पार्किगं स्थलों को जोड़ने के लिए लखनऊ एवं फैजाबाद रोड़ से 218 शटल बसे बेलाकछार की बडी पार्किगं से प्रारम्भ होकर मेला क्षेत्र तक चलेगी।

मण्डलायुक्त ने समिति को यह सुक्षाव दिया कि कम से कम 100 क्रेन एवं 100 टैक्टर अवैध पार्किगं को हटाने के लिए राजमार्ग पर तैनात किये जाये, जिससे यातायात निर्बाध रूप से चलता रहे। मण्डलायुक्त ने कहा कि न केवल इलाहाबाद में आने वाले राजमार्गो बल्कि आस-पास के जिलों में भी यह क्रेन उपलब्ध करायी जाय जिससे यातायात कहीं भी न रूके। उन्होने कहा कि इसके लिए अभी से पत्राचार कर लिया जाय। मण्डलायुक्त ने यह भी कहा कि मेला क्षेत्र के लिए जाय उपकरण इस तरह संचालित किये जाये कि वे आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्यरत हो।

बैठक में नगर एवं मेला क्षेत्र में पैदल यातायात की व्यवस्था पर भी चर्चा हुयी तथा प्रमुख रेलवे स्टेशनों से पैदल यातायात के रूट पर विचार-विमर्श हुआ। मेला क्षेत्र एवं बाहरी क्षेत्र में पार्किंग स्थलों पर विभिन्न प्रकार के वाहनों की पार्किगं शुल्क पर भी विचार-विमर्श किया गया।